पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाने पर कमलनयन श्रीवास्तव ने जताया आभार

पटना : राजकुमार शुक्ल स्मारक न्यास के महासचिव कमलनयन श्रीवास्तव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अनन्य सहयोगी और चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती 23 अगस्त को प्रत्येक वर्ष राजकीय समारोह के रूप में मनाने के राज्य मंत्रिपरिषद के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के अनुसार, अब हर साल 23 अगस्त को पश्चिमी चम्पारण जिले में पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती राजकीय स्तर पर धूमधाम से आयोजित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में इस एजेंडे को आधिकारिक तौर पर स्वीकृति दे दी गई है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि न्यास की ओर से वर्ष 2017 से ही पं. राजकुमार शुक्ल की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मांग की जाती रही है। इस संबंध में कई विधायकों और सांसदों ने भी सरकार को ज्ञापन देकर अनुरोध किया था। बिहार विधान परिषद में भी इस संबंध में राजकीय आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से पं. राजकुमार शुक्ल के ऐतिहासिक योगदान को उचित सम्मान मिलेगा और नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सकेगी। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री तथा राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने मांग की कि पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती हर वर्ष राजधानी पटना में राजकीय समारोह के रूप में आयोजित की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सम्बन्ध में अविलम्ब त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि पं. राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गांधी को चंपारण के किसानों की समस्याओं और नीलहे अंग्रेजों के अत्याचार से अवगत कराया था तथा उन्हें चंपारण आने के लिए प्रेरित किया था। उनके प्रयासों से वर्ष 1917 में ऐतिहासिक चंपारण सत्याग्रह का सूत्रपात हुआ, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

Leave a Reply