ऊंची जातियों के विकास के लिए बना आयोग, महाचंद्र बने अध्यक्ष तो राजीव रंजन उपाध्यक्ष

बिहार सरकार ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “बिहार राज्य उच्च जाति विकास आयोग” का गठन किया है। इस आयोग का उद्देश्य राज्य की सवर्ण जातियों के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है। इस पहल को सवर्ण समुदाय के मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

आयोग की संरचना और नियुक्तियाँ

इस नवगठित आयोग में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, दयानंद राय, जयकृष्ण झा और राजकुमार सिंह को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इन सभी की नियुक्ति का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है。

राजीव रंजन प्रसाद: एक संक्षिप्त परिचय

आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह मंत्री रह चुके हैं और वरिष्ठ राजनेता हैं। वहीं राजीव रंजन प्रसाद काफी पुराने और सुलझे हुए राजनीतिज्ञ हैं। श्री प्रसाद पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी के खिलाफ पटना मध्य से चुनाव भी लड़ चुके हैं। फिलहाल वे जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका भी अदा कर रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ

इस आयोग का गठन ऐसे समय में किया गया है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा सवर्ण समुदाय के लिए इस प्रकार की पहल को चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इस वर्ग के मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके।

निष्कर्ष

ऐसा माना जा रहा है कि राजीव रंजन प्रसाद की उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति कर सरकार ने एक बड़े मतदाता वर्ग पर भरोसा बढ़ाने के लिए किया है।

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