विकास के कामों से ही समाज नहीं बदलेगा बल्कि सामाजिक कुरीतियों को भी मिटाना होगा : मुख्यमंत्री

पटना,  13  दिसम्बर  2017  :

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मुख्यमंत्री  श्री  नीतीश  कुमार  ने  आज  विकास  कार्यों  की  समीक्षा यात्रा  के  पहले  चरण  के  दूसरे  दिन  पूर्वी  चंपारण  के  चकिया  प्रखंड,  पंचायत  महुआंवा  के  ग्राम बलवा  कोठी  का  भ्रमण  कर  सात  निश्चय  एवं  अन्य  सरकारी  योजनाओं  के  तहत  चल  रही विकासात्मक  कार्यों  का  जायजा  लिया।  जनसभा  स्थल  पर  बने  हेलीपैड  से  बलवा  कोठी  ग्राम पहुँचने  पर  ग्रामवासियों  ने  मुख्यमंत्री  को  माला  पहनाकर  और  ताली  बजाकर  गर्मजोशी  से स्वागत  किया।  बलवा  गाँव  भ्रमण  के  क्रम  में  सबसे  पहले  मुख्यमंत्री  ने  सामुदायिक  भवन  के समक्ष  वृक्षारोपण  किया।  मुख्यमंत्री  ने  सात  निश्चय  योजनान्तर्गत  बलवा  गाँव  के  वार्ड  संख्या  9 में  1067482  रुपये  की  लागत  से  नाली  निर्माण,  1097700  की  लागत  से  गली  निर्माण,  974574 रुपये  की  लागत  से  गली  निर्माण  की  योजनाओं  से  संबंधित  शिलापट्टों  का  अनावरण  किया। मनरेगा  के  तहत  बलवा  गाँव  के  वार्ड  संख्या  10  में  आंगनबाड़ी  भवन  केन्द्र  निर्माण  का  भी मुख्यमंत्री  ने  शिलान्यास  किया।  बलवा  कोठी  गॉव  भ्रमण  के  दौरान  ग्रामवासियों  से  मुलाकात कर  मुख्यमंत्री  ने  विकास  कार्यों  की  पूरी  जानकारी  ली।  ग्रामीणों  से  मुलाकात  के  क्रम  में  सबसे पहले  मुख्यमंत्री  ने  ग्रामवासी  दारोगा  पाण्डेय  और  रामरती  देवी  से  मुलाकात  की,  जिनसे  2009 की  विकास  यात्रा  के  क्रम  में  मुख्यमंत्री  श्री  नीतीश  कुमार  गॉव  की  समस्याओं  से  रू-ब-रू  हुए थे।  बलवा  कोठी  गाँव  की  मुखिया  श्रीमती  सुमित्रा  देवी,  किसुन  सहनी,  गगन  देव  राम  जैसे अन्य  कई ग्रामीणों  से  मुलाकात  कर  मुख्यमंत्री  ने  गॉव  की  वस्तुस्थिति  को जाना।   बलवा  कोठी  गाँव  भ्रमण  के  बाद  मुख्यमंत्री  ने  जनसभा  स्थल  पर  बने  मंच  से  विकसित बिहार  के  सात  निश्चय  एवं  विकास  कार्यों  की  समीक्षा  यात्रा  से  संबंधित  पुस्तिकाओं  का विमोचन  करने  के  बाद  रिमोट  के  जरिये  296  करोड़  रुपये  की  लागत  वाली  योजनाओं  का शिलान्यास  और  उद्घाटन  किया।

जनसभा  को  संबोधित  करते  हुए  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  सबसे  पहले  मैं  अपना  आत्म संतोष  प्रकट  करना  चाहता  हूॅ  कि  19  जनवरी  2009  में  विकास  यात्रा  का  शुभारंभ  इसी  चंपारण से  किया  था  और  उस  समय  पश्चिमी  चंपारण  के  दो  गांव  और  पूर्वी  चंपारण  के  दो  गांव  में  हम टेंट  में  रुके  थे।  विकास  यात्रा  में  मेरा  लक्ष्य  गांव  में  ही  रुकने  का  था  क्योकि  मेरा  मानना  था कि  अगर  किसी  के  घर  में  रुकेंगे  तो  उसके  लिए  बोझ  हो  जाएगा।  उन्होंने  कहा  कि  पहले  की तरह  अधिकारी  टेंट  में  रहने  की  आदत  डालें  और  इस  तरह  से  विकास  यात्रा  के  क्रम  में  गांव- गांव  जाकर  टेंट  में  गॉव  वालों  के  बीच  रहकर  स्थिति  का  जायजा  लें।  मुख्यमंत्री  ने  कहा    कि 2016-17  में  निश्चय  यात्रा  की  और  फिर  उसके  बाद  हमने  सोचा  कि  काम  की  समीक्षा  भी करनी  चाहिए।  उन्होंने  कहा  कि  कुछ  लोगों  के  बहकावे  में  आकर  पंचायतों  के  मुखिया  गुमराह हो  गए  थे,  जिसके  कारण  विकास  के  कामों  में  कुछ  दिन  व्यवधान  उत्पन्न  हुआ।  मुखिया  को लगा  कि  उनका  अधिकार  छिन  गया  लेकिन  सात  निश्चय  योजना  को  देखेंगे  तो  गली-नाली निर्माण,  हर  घर  नल  का  जल  की  योजना  में  ग्राम  पंचायतों  को  शामिल  किया  गया  है।  उन्होंन कहा  कि  चंपारण  गांधी  जी  के  सत्याग्रह  की  भूमि  है,  जिनका  विचार  था  सत्ता  का  विकेंद्रीकरण, हर  तरह  की  सुविधा  नागरिकों  को  मिले,  यही  विकास  का  प्रतीक  होगा।  हमने  4  साल  के  अंदर हर  घर  तक  नल  का  जल,  नली  गली  का  निर्माण,  शौचालय  का  निर्माण  करने  का  लक्ष्य  तय किया  और  वह  सब  काम  हो  रहा  है।  उन्होंने  कहा  कि  शौचालय  का  निर्माण  अगर  हर  घर  में हो  भी  जाए  और  लोग  उसका  उपयोग  न  करें  तो  इसका  फायदा  बिल्कुल  ही  नहीं  होगा। उन्होंने  कहा  कि  राम  मनोहर  लोहिया  जी  ने  50  के  दशक  में  ही  शौचालय  निर्माण  को  लेकर आवाज  बुलंद  की  थी।  उन्होंने  ये  भी  कहा  था  कि  नेहरू  का  विरोध  करना  बंद  कर  देंगे  अगर हर  घर  में  शौचालय  का  निर्माण  हो  जाए  ताकि  महिलाओं  को  जो  कष्ट  हो  रहा  है,  उससे उनको  छुटकारा  मिल  सके।  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  सवेरा  से  पहले  और  अंधेरा  के  बाद  का इंतजार  महिलाओं  को  शौच  के  लिए  करना  पड़ता  है,  यह  बहुत  ही  दुर्भाग्यपूर्ण  है।  मुख्यमंत्री  ने कहा  कि  खुले  में  शौच  से  मुक्ति,  नल  का  पानी  अगर  हर  घर  में  उपलब्ध  हो  जाए  तो  90 प्रतिषत  बीमारियों से छुटकारा  लोगों  को मिल  जायेगा। विकसित  बिहार  की  सात  निश्चय  योजनाओं  का  जिक्र  करते  हुए  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि इस  साल  के  अंत  तक  हर  बसावट  में  बिजली  पहुॅचा  दी  जायेगी  और  अगले  साल  के  अंत  तक हर  घर  में  बिजली  का  कनेक्षन  जो लोग  भी  इच्छुक  हों,  उन्हें  दे दिया जायेगा।   मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  सात  निश्चय  योजनाओं  से  मुखिया  को  निराश  या  हताश  होने की आवश्यकता  नहीं  है  क्योंकि  मुखिया  की  ही  तरह  वार्ड  सदस्य  भी  चुनाव  के  द्वारा  निर्वाचित  होते हैं।  ऐसे  में  सात  निश्चय  योजनाओं  में  मार्गदर्शन  मुखिया  का  ही  होगा।  उन्होंने  कहा  कि  5000 लीटर  की  क्षमता  वाली  टंकी  के  माध्यम  से  150  से  160  घरों  में  नल  का  पानी  उपलब्ध  हो  जा रहा  है,  ऐसे  में  जिन  घरों  में  नल  का  जल  पहुंच  रहा  है,  उन  परिवारों  के  लोग  पंचायत  के मुखिया  की  तारीफ  करेंगे  न  की  शिकायत,  ऐसे  में  जब  पंचायत  का  चुनाव  होगा  तो  मुखिया  के पक्ष  में  ही  लोग  वोट करेंगे।

img-20171213-wa0065  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  2005  में  हमने  न्याय  यात्रा  की  शुरुआत  इसी  चंपारण  की  धरती से की  थी  और  2009  के   विकास  यात्रा  के  क्रम  में  जिन  गांवों  में  हम  गए  थे,  ऐसे में  हमने तय किया  कि  समीक्षा  यात्रा  में  भी  उन  गांवों  में  जरूर  जाएंगे।  इस  सिलसिले  में  मैंने  बलवा  कोठी के  लोगों  से  मुलाकात  की,  जिनसे  हमारी  मुलाकात  2009  की  विकास  यात्रा  में  भी  हुई  थी। आज  बलवा  गांव  निवासी  दारोगा  पांडे  के  यहां  जाकर  मैंने  चूड़ा-तिलकुट  का  जलपान  भी किया  और गांव  की  तमाम  स्थिति  से  रू-ब-रू  हुआ,  ऐसे  में  उनलोगों  से मिलकर  और  विकास के  कामों  को देखकर  हमें  भीतर  से  संतोष  हो रहा  है।   मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  2009  में  विकास  यात्रा  के  क्रम  में  बलवा  कोठी  के  लोगों  ने स्वास्थ्य  केंद्र  बनाने  के  लिए  आग्रह  किया  था।  अतिरिक्त  प्राथमिक  स्वास्थ्य  केंद्र  बलवा  कोठी गांव  में  बनाने  का  आदेश  हमने  विभागीय  अधिकारियों  को  दे  दिया  है।  उन्होंने  कहा  कि  8 करोड़  80  लाख  रूपये  की  लागत  से  बलवा  में  पुल  का  निर्माण  भी  चल  रहा  है  और  ग्रामीण कार्य  विभाग  के सचिव  को पहुंच पथ  ठीक  करने  का  निर्देश भी  हमने  दे  दिया  है। 296  करोड़  की  लागत  वाली  योजनाओं  का  शिलान्यास  और  उद्घाटन  के  लिए  जिला प्रशासन  और  संबंधित  विभाग  के  अधिकारियों  को  बधाई  देते  हुए  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  स्थानीय विधायक  श्री  श्याम  बाबू  यादव  की  मांग  को  ध्यान  में  रखते  हुए  सेमरा  घाट  पुल  का  निर्माण  भी कर  दिया  जाएगा।  उन्होंने  कहा  कि  चंपारण  से  हमारा  काफी  लगाव  है।  बापू  ने  1917  में  जो चंपारण  के  किसानों  को  नीलहो के अत्याचार  से  अपने सत्याग्रह  के  जरिए  मुक्ति  दिलाई,  उसको कभी  भुलाया  नहीं  जा  सकता।  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  10  और  11  अप्रैल  को  पटना  में  बापू  के चंपारण  सत्याग्रह  शताब्दी  वर्ष  के  मौके  पर  देश  भर  के  गांधीवादी  विचारको  को  बुलाया  गया क्योंकि  10  अप्रैल  को  ही  गांधीजी  पटना  पहुंचे  और  वहां  से  मुजफ्फरपुर  होते  हुए  वे  चंपारण गए  और  1917  का  चंपारण  सत्याग्रह  हुआ।  चम्पारण  सत्याग्रह  ने  देश  की  आजादी  की  लड़ाई को गति  दी,  जिसका  नतीजा  हुआ  कि  30  साल  के  अंदर  देश  आजाद  हो गया। मुख्यमंत्री  ने कहा  कि  1917  में  चंपारण  सत्याग्रह  के दौरान  महात्मा  गांधी  स्थानीय  लोगों की  बातें  खुद  दर्ज  करने  लगे  और  उसका  इतना  व्यापक  प्रभाव  पड़ा  कि  अंग्रेजों  को  कानून तक  बदलना  पड़ा।  इस  तरह  से  चंपारण  सत्याग्रह  ने  न  सिर्फ  स्थानीय  लोगों  को  निलहों  की प्रताड़ना  से  मुक्ति  दिलाई  बल्कि  देश  को  भी  जगा  दिया।  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  बापू  सर्किट  से लेकर  विकास  का  सभी  काम  हो  रहा  है  लेकिन  सिर्फ  विकास  के  कामों  से  ही  समाज  नहीं बदलेगा  बल्कि  इसके  लिए  जो  सामाजिक  कुरीतियां  हैं,  उसे  मिटाना  होगा।  मुख्यमंत्री  ने  कहा कि  महिलाओं  की  मांग  पर  बिहार  में  शराबबंदी  लागू  की  गई  और  शराबबंदी  के  बाद  परिवारों का  न  सिर्फ  उत्थान  और  कल्याण  हुआ  है  बल्कि  अब  उन्हें  बेहतर  भोजन  भी  मयस्सर  होने लगा  है  क्योंकि  अपनी  कमाई  का  अधिकांश  पैसा  जो  गरीब  और  मजदूर  तबके  के  लोग  हैं,  वह शराब  में  ही  खर्च  कर  देते  थे,  ऐसे  में  महिलाएं  भी  घरेलू  हिंसा  का  शिकार  हुआ  करती  थीं। उन  तमाम  चीजों  से  आज  लोगों  को शराबबंदी  के  कारण  छुटकारा  मिला है।   मुख्यमंत्री  ने  लोगों  से  आह्वान  करते  हुए  कहा  कि  जिस  तरह  से  शराबबंदी  से नशामुक्ति  की  ओर  बिहार  को  ले  जाने  के  लिए  21  जनवरी  2017  को  मानव  श्रृंखला  में  चार करोड़  लोगों  ने  अपनी  भागीदारी  दर्ज  कराई  थी,  ठीक  उसी  प्रकार  अब  शराबबंदी,  नशामुक्ति  से लेकर  दहेज  प्रथा  और  बाल  विवाह  जैसी  कुरीतियों  के  खिलाफ  एक  बार  फिर  21  जनवरी 2018  को  मानव  श्रृंखला  बनेगी,  जिसमें  अधिक  से  अधिक  लोगों  को अपनी  भागीदारी  सुनिश्चित करनी  होगी  ताकि  इन  सामाजिक  कुरीतियों  के  खिलाफ  जो  सशक्त  अभियान  चल  रहा  है,  उसे बल  मिले  और  लोगों  के  बीच  एक  संदेश  जाए।  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  दहेज  प्रथा  और  बाल विवाह  के  लिए  कड़े  कानून  हैं  लेकिन  कानून  के  कड़ाई  से  पालन  के  साथ  ही  लोगों  को  भी जागरूक  होना  होगा,  तभी  इसमें  कामयाबी मिलेगी।

मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  शराबबंदी  को  लेकर  कानून  का  सख्ती  से  पालन  हो  रहा  है  और इसके  लिए  पुलिस  विभाग  या  मद्य  निषेध  विभाग  के  अधिकारी  अगर  कोताही  करते  हुए  पाए जाते  हैं  तो  उनके  खिलाफ  सख्त  कार्रवाई  भी  हो  रही  है।  महिलाओं  से  आह्वान  करते  हुए मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  आप  की  मांग  पर  बिहार  में  शराबबंदी  की  गई  है,  ऐसे  में  निरंतर  आपको सजग  रहना  होगा  ताकि  जो  दो  नंबर  के  व्यापार  करने  वाले  या  जहरीली  शराब  बनाने  वाले लोग  हैं,  उन  पर  कार्रवाई  की  जा  सके  और  लोगों  को  जहरीली  शराब  पीने  से  रोका  जा  सके। उन्होंने कहा  कि  इसके लिए  लोगों  में  जागृति  लानी  होगी  कि  अगर  अवैध  कारोबार  करने वालों द्वारा  बेचे  गए  शराब  को  वे  लोग  पीते  हैं  तो  यह  जान  के  लिए  घातक  हो  सकता  है,  क्योंकि सड़क  पर  लिखा  होता  है  कि  सावधानी  हटी  तो  दुर्घटना  घटी।  उन्होंने  कहा  कि  हर  हाल  में सावधान  रहना  होगा  कि  कहीं  शराब  को  छोड़कर  लोग  दूसरे  नशीले  पदार्थ  का  सेवन  भी  न करने  लगें।  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  अब  हर  गांव  में  बिजली  पहुंच  रही  है  और  ऐसे  में  बिजली के  खंभों  पर  एक  बोर्ड  लगा  रहेगा,  जिस  पर  पुलिस  विभाग  एवं  मद्य  निषेध  विभाग  का  एक नंबर  होगा,  जिस  पर  अवैध  कारोबार  करने  वाले  या  शराब  बनाने  वालों  लोगों  के  खिलाफ  उस नंबर  के  जरिये  षिकायत  की  जा  सकेगी।  उन्होंने  कहा  कि  करीब  12  करोड़  की  आबादी  वाले बिहार  में  छह  करोड़ से ज्यादा  मोबाइल  फोन  हैं।  गड़बड़ करने वालों का  पता  चले तो तत्काल इसकी  सूचना  टेलीफोन  नंबर  के  जरिए  पुलिस  विभाग  या  मद्य  निषेध  विभाग  को  दें।  मुख्यमंत्री ने  कहा  कि  इसके  लिए  पुलिस  मुख्यालय  में  एक  आई0जी0  मद्य  निषेध  के  लिए  तैनात  होंगे जिनके  पास  थाने  में  शराबबंदी  से  संबंधित  दर्ज  कराई  गई  सूचना  और  उस  पर  की  गई कार्रवाई  की  हर  जानकारी  रहेगी  इसलिए  गड़बड़  करने  वाला  किसी  भी  सूरत  में  नहीं  बच पायेगा।  उन्होंने  कहा  कि  सरकार  का  तंत्र  हम  और  अधिक  मजबूत  बनाएंगे।  मुख्यमंत्री  ने  कहा कि  बाल  विवाह  के  कारण  कितनी  महिलाएं  बीमारियों  की  शिकार  होती  हैं।  18  साल  से  कम उम्र  की  लड़कियॉ  जब  गर्भ  धारण  करती  हैं  तो  उन्हें  कई  दिक्कतों  से  जूझना  पड़ता  है  और अगर  वह  बच  भी  गइंर्  तो  बच्चे  को  कई  प्रकार  की  बीमारियां  अपनी  चपेट  में  ले  लेती  है। उन्होंने  कहा  कि  5  साल  से  कम  उम्र  के  100  में  से  39  बच्चे  बौनेपन  के  शिकार  हो  रहे  हैं, जबकि  दुनिया  में  आदमी  की  लंबाई  बढ़  रही  है।  बाल  विवाह  के कारण कई  तरह  की  मानसिक बीमारियों  से  भी  बच्चे  ग्रसित  हो  रहे  हैं।  ऐसे  में  21  वर्ष  से  कम  उम्र  के  लड़कों  की  शादी  और 18  वर्ष  से  कम  उम्र  की  लड़कियों  की  शादी  नहीं  होनी  चाहिए,  यह  कानूनन  अपराध  भी  है। उन्होंने  कहा  कि  दहेज  लेना  भी  गैर  कानूनी  है।  पहले  दहेज  प्रथा  संपन्न  परिवारों  में  हुआ करता  था  लेकिन  अब  इसका  चलन  गरीब  तबके  के  परिवारों  में  भी  हो  गया  है,  जिसके  कारण बाल  विवाह  के  मामले  भी  बढ़  रहे  हैं।  ऐसे  में  आपको  संकल्प  लेना  होगा  कि  जो  दहेज  लेकर शादी  करते  हैं,  उनके  विवाह  समारोह  में  आप  शामिल  नहीं  होंगे  और  अगर  आप  ऐसा  करते  हैं तब  दहेज  लेने  वाला  अलग-थलग  पड़  जाएगा।  मुख्यमंत्री  ने  एक  बार  फिर  दुहराया  कि  21 जनवरी  2017  की  ही  तरह  21  जनवरी  2018  को  जिसमें  अब  मात्र  40  दिन  बचे  हैं,  उस  दिन एक  बार  फिर  शराबबंदी  से  लेकर  नशामुक्ति  दहेज  प्रथा  एवं  बाल  विवाह  के  खिलाफ  मानव श्रृंखला  बनाई  जाएगी।  पंचायत  से  लेकर  ब्लॉक,  सब  डिवीजन  से  लेकर  जिला  और  पूरे  प्रदेश में लोग  मुख्य  सड़कों  से  लेकर  गांव  की  सड़कों  पर  एक  बार  फिर  खड़े  होंगे।  लोगों  से आह्वान  करते  हुए  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  पिछली  बार  मानव  श्रृंखला  में  चार  करोड़  लोगों  ने अपनी  भागीदारी  सुनिश्चित  कर  एक  रिकॉर्ड  कायम  किया  था।  इस  बार  भी  सशक्त  अभियान को लेकर  बनने वाली  मानव  श्रृंखला  में  अधिक  से अधिक  लोग  हिस्सेदार  बनकर  पिछले रिकॉर्ड को  न  सिर्फ  तोड़ेंगे  बल्कि  एक  नया  रिकॉर्ड  भी  कायम  होगा।  पूरे  देश  में  एक  मजबूत  संदेश भी  इन  सामाजिक  कुरीतियों  के  खिलाफ  जाएगा।  जनसभा  में  मौजूद  लोगों  को  हाथ  उठाकर संकल्प  दिलाते  हुए  मुख्यमंत्री  ने  कहा  कि  सूर्य  के  समक्ष  हाथ  उठाकर  आपने  संकल्प  लिया  है, ऐसे  में  इस  संकल्प  को  भूलिएगा  नहीं  और  21  जनवरी  2018  को  मानव  श्रृंखला  में  हर  हाल  में शामिल  होकर  इन  सामाजिक  कुरीतियों  को  दूर  करने  में  अपनी  भागीदारी  दर्ज  कराइएगा। उन्होंने  कहा  कि  शराबबंदी  की  तरह  दहेज  प्रथा  के  लिए  भी  सभी  धर्मों  का  साथ  मिल  रहा  है और  इससे  समाज  में  प्रेम  और  सद्भाव  का  वातावरण  कायम  होगा,  तभी  बिहार  सही  मायने  में विकास के पथ  पर  अग्रसर  होगा  और  एक  विकसित  बिहार  बनेगा।   समारोह  को  लोक  स्वास्थ्य  अभियंत्रण  मंत्री  सह  पूर्वी  चम्पारण  जिले  के  प्रभारी  मंत्री  श्री विनोद  नारायण  झा,  पर्यटन  मंत्री  श्री  प्रमोद  कुमार,  सहकारिता  मंत्री  श्री  राणा  रणधीर  सिंह, स्थानीय  विधायक  श्री  श्यामबाबू  यादव,मुख्य  सचिव  अंजनी  कुमार  सिंह,  पुलिस  महानिदेशक  श्री पी0  के0  ठाकुर  ने  भी  संबोधित  किया।

इस  अवसर  पर  विधान  पार्षद  श्री  वीरेंद्र  नारायण  यादव, विधान  पार्षद  श्री  सतीश  कुमार,  विधान  पार्षद  श्री  राजेश  कुमार  उर्फ  बबलू  गुप्ता,  ऊर्जा  विभाग के  प्रधान  सचिव  श्री  प्रत्यय  अमृत,खाध  उपभोक्ता  संरक्षण  विभाग  और  पर्यटन  विभाग  के  प्रधान सचिव  श्री  पंकज  कुमार,  ग्रामीण  विकास  विभाग  एवं  पंचायती  राज  विभाग  के  सचिव  श्री अरविंद  कुमार  चौधरी,  ग्रामीण  कार्य  विभाग  के  प्रधान  सचिव  श्री  विनय  कुमार,  जीविका  के मुख्य  कार्यपालक  पदाधिकारी  बाला  डी0  मुरगुन,  तिरहुत  प्रक्षेत्र  के  आयुक्त  श्री  एच0  आर0 श्रीनिवास,  मुख्यमंत्री  के  ओ0एस0डी0  श्री  गोपाल  सिंह,  पूर्वी  चंपारण  के  जिलाधिकारी  श्री  रमण कुमार,  मुजफ्फरपुर  प्रक्षेत्र  के  आई0जी0  श्री  सुनील  कुमार,  पूर्वी  चंपारण  के  पुलिस  अधीक्षक  श्री उपेन्द्र  शर्मा सहित  अन्य  कई वरीय  अधिकारी,  स्थानीय  नेतागण  व  गणमान्य  लोग मौजूद थे।

 

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