राजद-कांग्रेस के विधायक/सांसद हारी हुई बाजी पर अपना मत बर्बाद न करें -सुशील कुमार मोदी

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एनडीए के राष्ट्रपति के उम्मीदवार व बिहार के पूर्व राज्यपाल श्री रामनाथ कोविंद को राजद-कांग्रेस के विधायक/सांसद अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए मतदान करें। जब श्री कोविंद की जीत सुनिष्चित है तो ऐसे में हारी हुई बाजी पर अपना मत बर्बाद करने का कोई औचित्य नहीं है। मीरा कुमार को दलित की बेटी बताने वाले लालू प्रसाद लाख गिदड़भभकियां दें, गठबंधन तोड़ने की उनमें हिम्मत नहीं हैं। जदयू कोई भी डेडलाइन तय करें लालू प्रसाद मुख्यमंत्री का अपमान करने वाले अपने बयानवीरों पर कार्रवाई नहीं करने वाले हैं।
दलित विरोधी कांग्रेस ने 1969 में राष्ट्रपति के लिए जगजीवन राम का नाम उछाला मगर बाद में उन्हें धोखा देकर बी वी गिरि को अपना उम्मीदवार बना दिया वरना श्री राम उसी समय राष्ट्रपति बन गए होते। ऐसे में राजद और कांग्रेस के विधायकों/सांसदों को एक बार पुनर्विचार करना चाहिए।
लालू प्रसाद को मालूम है कि अगर गठबंधन टूटता है तो सर्वाधिक नुकसान हजार करोड़ की बेनामी सम्पति के मामले में घिरे उनके बेटों व परिवार को होने वाला है। अपने बेटों को बचाने के लिए उन्हें राज्य सरकार का संरक्षण चाहिए। ऐसे में राजद के गरजने वाले बादल (प्रवक्ता) कभी बरसेंगे नहीं। अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत भी उम्रदराज व अक्सर बीमार रहने वाले लालू प्रसाद में अब नहीं है।
हर एक व्यक्ति यह जानता है कि लालू प्रसाद के इषारे पर रघुवंष प्रसाद सिंह और भाई वीरेन्द्र बयानबाजी कर मुख्यमंत्री का अपमान कर रहे हैं। ऐसे में जदयू कोई भी डेडलाइन तय करें वे प्रवक्ताओं पर कार्रवाई क्यों करेंगे?

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