नवरात्रि के पाचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंद माता का रूप सौंदर्य अद्वितिय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है। वात्सल्य की मूर्ति हैं स्कंद माता। स्कंदमाता की पूजा संतान प्राप्ति हेतु की पूजा की जाती है। स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं, इनकी साधना करने से भक्त अलौकिक तेज प्राप्त करता है। इसके साथ ही मां अपने भक्तों के सभी दुखों का निवारण करती है, उनके लिए मोक्ष का द्वार खोलती है। देवी स्कंदमाता कमल के पुष्प पर विराजित अभय मुद्रा में होती हैं।
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