संवाददाता-विवेक चौबे
कांडी(गढ़वा) : प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम-सबुआ व हरिगावां में स्थित जंगल मे पेड़-पौधों की कटाई धड़ल्ले से जारी है। उक्त विषय की जानकारी स्थानीय लोगों ने दी। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि जंगल की सुरक्षा व पेड़ पौधों के बचाव के लिए एक कमिटी भी गठित की गई है, किन्तु कमिटी इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि फारेस्ट गार्ड कभी जंगल व पेड़-पौधों को देखने तक नहीं आते।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि पेड़-पौधों की संरक्षण करना जंगल विभाग व फारेस्ट गार्ड का दायित्व है। किंतु जंगल का बचाव पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है। वहीं गठित कमिटी के अध्यक्ष-राजकुमार तांतों ने कहा कि पेड़ों की कटाई दोपहर के अलावे रात में भी की जा रही है। भला रात में पेड़ों की कटाई के रोकथाम के लिए कौन कदम बढ़ाएगा। रात में रोकने जाना मेरे बस की बात नहीं।
वहीं कमिटी के सचिव-दिनेश पासवान ने विभाग व कमिटी का बचाव करते हुए कहा कि धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई नहीं कि जा रही है। यदि कोई चोरी-छिपे कटाई कर भी रहा है तो उस पर दबाव भी बनाया जा रहा है। साथ ही कहा कि पेड़ों की कटाई का सूचना कमेटी को नहीं है।
वहीं कमेटी के सदस्य-अनिल कुमार ने कहा कि यहां पौधों की कटाई जोर-शोर से हो रहा है।अध्यक्ष,सचिव,कोषाध्यक्ष सहित कमिटी को सूचना देने के पश्चात भी रोकथाम तनिक भी नहीं किया जा रहा है। साथ ही कहा कि फारेस्ट गार्ड को फोन किया जाता है तो वे सायद ही कभी आते हैं। वैसे अपने मन से कभी भ्रमण करने भी नहीं आते। साथ ही कहा कि दूर-दूर के गांवों के लोगों द्वारा कटाई की जाती है।
बताते चलें कि कुल मिलाकर जंगल विभाग व फारेस्ट गार्ड की लापरवाही के वजह उक्त जंगल बेजान बनते जा रहा है। यदि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई इसी प्रकार जारी रहा तो जंगल में पत्थरों व चट्टानों के अलावे कुछ भी नहीं बच पाएगा। आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा जंगल के पेड़-पौधों के बचाव के लिए मांग किया जा रहा है। मौके पर-धर्मेंद्र कुमार, जित्येन्द्र कुमार, रामानुज प्रजापति, मदन कुमार, आशीष कुमार, मंजय कुमार, मुनीब पासवान, संतोष कुमार तांतों सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
