महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना में सहमति बनने के आसार लग रहे हैं। भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने मंगलवार को संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नए प्रस्ताव पर घटक दलों से बातचीत के बाद शाम तक फैसला होने की उम्मीद है। हालांकि, इन नेताओं ने अधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि नया प्रस्ताव क्या है। न्यूज चैनलों के मुताबिक, नए फॉर्म्युले के तहत शिवसेना 150 सीटों पर लड़ेगी और बाकी 138 सीटों में से बीजेपी 12 सीटें छोटे सहयोगी दलों के लिए छोड़ेगी। सीटों के बंटवारे के इस फॉर्म्ुले पर भाजपा और शिवसेना की मुहर लग चुकी है, लेकिन देखना है कि सहयोगी दल 12 सीटों के साथ संतुष्ट होते हैं या नहीं। पहले इन दलों के लिए 18 सीटें छोड़ने का
प्रस्ताव था, जिसके लिए वे तैयार भी थे।
पत्रकारों से बात-चीत में भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि दोनों पार्टियां चाहती हैं कि गठबंधन बना रहे। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे के कई फार्मुलों पर काम चल रहा है और हम अपने सहयोगी दलों से बात करके फैसला करेंगे। शिवसेना के प्रवक्ता ने संजय राउत ने भी कहा कि हम चाहते हैं कि हमारा गठबंधन कायम रहे।
इससे पहले शिव सेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को एक भाषण में कड़ा रुख दिखाते हुए राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 119 देने की पेशकश की थी। हालांकि, इसके बाद उद्धव ने गतिरोध खत्म करने के लिए केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज को सोमवार को फोन किया था। उन्होंने सुझाव दिया कि बीजेपी 126 सीटों पर लड़ सकती है, जो 2009 के चुनाव से सात सीटें ज्यादा हैं। बीजेपी और शिव सेना के बीच मुख्यमंत्री पद भी एक विवाद का मुद्दा बना हुआ है। शिव सेना का कहना है कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो उद्धव मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन बीजेपी इससे सहमत नहीं है और उसका कहना है कि जिस पार्टी के विधायकों की संख्या ज्यादा होगी, उसका मुख्यमंत्री बनेगा।
बीजेपी-शिवसेना में सीटों को लेकर सहमति के आसार
