सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण हुआ समाप्त, दुनिया ने देखा ‘ब्लड मून’

नई दिल्ली-सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण कहे जाने वाला चंद्रग्रहण अब समाप्त हो चुका है। ग्रहण के दौरान भारत के तमाम इलाकों समेत दुनिया भर के लोगों ने चंद्रमा को पल-पल रंग और रूप बदलते देखा। चंद्रमा जैसे-जैसे पृथ्वी की ओट में आता रहा, उसका रंग लाल होता रहा। इसीलिए इस ग्रहण को ‘ब्लड मून’ भी कहा गया। चंद्र और सूर्य ग्रहण को हिंदू धर्म में पवित्र नहीं माना जाता है, इसीलिए ग्रहण के दौरान पूजा-अर्चना भी नहीं की जाती। हालांकि ग्रहण काल के दौरान गायत्री मंत्र और सूक्त मंत्रों को पढ़ने की मान्यता है।
इसके अलावा ग्रहण के दौरान नदी में स्नान करने को भी शुभ माना जाता है। शुक्रवार की रात को वाराणसी, हरिद्वार समेत देश के तमाम तीर्थनगरों में लोगों ने गंगा एवं अन्य नदियों में डुबकी लगाई। शुक्रवार दोपहर को ही देश के तमाम बड़े मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। ग्रहण समाप्त होने के साथ ही अब शनिवार को हर दिन की तरह पूजा-अर्चना हो सकेगी।
शुक्रवार की रात 11:54 को चंद्रग्रहण शुरू हुआ था। इसके बाद पूर्ण चंद्रग्रहण का चरण रात एक बजे आरंभ हुआ। 2.43 बजे पूर्ण चंद्रग्रहण समाप्त हुआ। इसके बाद अंतिम चरण में आंशिक चंद्रग्रहण सुबह 3.49 बजे समाप्त हुआ। अब अगला चंद्रग्रहण 21 जनवरी 2019 को पड़ेगा, जो 1 घंटे 2 मिनट ही रहेगा। पिछली सदी में सबसे लंबा चंद्रग्रहण 16 जुलाई 2000 को पड़ा था, जो 1 घंटे 47 मिनट तक रहा।
शुक्रवार दोपहर को ही बंद हो गए थे मंदिरों के कपाट
सूतक लगने के साथ की काशी विश्वनाथ समेत देशभर के मंदिरों के कपाट दोपहर को बंद कर दिए गए। सावन के पहले दिन शनिवार को भोर में मंगला आरती के बाद काशी विश्वनाथ का कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं और कांवरियों को बाबा का दर्शन करने और जलाभिषेक करने का मौका मिलेगा। संकट मोचन मंदिर के कपाट दोपहर 12.30 बजे भोग आरती के बाद ही

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