बिहार में फिर टॉपर घोटाला ! रूबी और गणेश के बाद बिहार बोर्ड की साइंस टॉपर कल्पना भी फंसीं फर्जीवाड़े में

बिहार में फिर टॉपर घोटाला. जी हां. रूबी राय और गणेश कुमार के बाद आज ही जारी हुए बिहार बोर्ड के इंटर साइंस यानी 12वीं बोर्ड की टॉपर कल्पना कुमारी भी फर्जीवाड़े और झमेले में फंस गई हैं. कल्पना कुमारी दो साल से दिल्ली के आकाश इंस्टीट्यूट में मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट नीट की तैयारी कर रही थीं. कल्पना नीट 2018 की भी टॉपर हैं जिसका रिजल्ट कुछ दिन पहले ही आया है. अगर कल्पना दिल्ली में कोचिंग कर रही थीं तो शिवहर में उसके स्कूल में हाजिरी कौन बना रहा था क्योंकि 75 परसेंट से कम हाजिरी पर परीक्षा का फॉर्म भरने नहीं दिया जाता.

पटना. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) 12वीं के साइंस की टॉपर कल्पना कुमारी भी गणेश कुमार और रूबी रॉय के बाद टॉपर घोटाला और फर्जीवाड़ा में फंस गई हैं. कल्पना ने नीट से मेडिकल भी टॉप किया है जिसके लिए दो साल से दिल्ली के आकाश इंस्टीट्यूट में कोचिंग कर रही थीं फिर शिवहर के स्कूल से उन्होंने कैसे परीक्षा दी, यही घोटाला और फर्जीवाड़ा है. बिहार बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए 75 परसेंट हाजिरी यानी अटेंडेंस जरूरी है. बिहार सरकार या बोर्ड की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

जब कल्पना दिल्ली में मेडिकल का ट्यूशन ले रही थीं तो शिवहर के स्कूल में उनकी हाजिरी कौन बना रहा था. कल्पना कुमारी दिल्ली में दो साल से आकाश इंस्टीट्यूट में पढ़ रही हैं. कल्पना दिल्ली के आकाश इंस्टीट्यूट में नीट की तैयारी के लिए 2 साल का रेगुलर कोर्स कर रही थी जिसके लिए उसने दिल्ली में रहकर पढ़ाई की.

बिहार बोर्ड की परीक्षा उसने शिवहर के जिस स्कूल से दी वहां 75 परसेंट अटेंडेंस के बिना वो फॉर्म नहीं भर सकती. इसका मतलब ये हुआ है कि वो बिना स्कूल गए ही सीधे बोर्ड एग्जाम में बैठी और साइंस की टॉपर बन गई. और इसका मतलब ये भी हुआ कि कल्पना के स्कूल में बिना स्कूल गए परीक्षा दिलाने का धंधा होता है. जाहिर है कि बिहार बोर्ड फिर फंस गया है और फंस गई है उसकी साइंस टॉपर.

कल्पना नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की भी ऑल इंडिया टॉपर हैं. कल्पना की सफलता के बाद आकाश इंस्टीट्यूट ने अखबारों में फुल पेज विज्ञापन दिया है जिसमें कल्पना का नाम और फोटो सबसे ऊपर है. आकाश इंस्टीट्यून ने कल्पना का एक वीडियो भी लगाया है जिसमें कल्पना ने खुद बताया है कि वो आकाश की रेगुलर स्टूडेंट रही हैं और नीट टॉप करने में आकाश की कोचिंग से उनको कितनी मदद मिली. बिहार बोर्ड ने बयान जारी कर सफाई जारी की है कि परीक्षा नियमावली में मिनिमम अटेंडेंस का कोई प्रावधान नहीं है.

2017 के आर्ट टॉपर गणेश कुमार को जाना पड़ा था जेल

बिहार में लगातार तीन साल से टॉपर स्कैम सामने आ रहा है. इससे पहले 2017 में आर्ट टॉपर घोटाला सामने आया था. इसमें गणेश कुमार पर फर्जी तरीके से एडमिशन लेने का आरोप लगा था. गणेश कुमार मीडिया के सामने टेस्ट में फेल हो गए थे. गणेश ने 1992 में 12वीं की परीक्षा दी थी जिसमें 529 अंक अर्जित किए थे. इसके 25 साल बाद गणेश ने फिर से परीक्षा दी और बिहार बोर्ड से टॉप किया.

2016 की आर्ट टॉपर रूबी राय भी फंसी थीं फर्जीवाड़े में

गणेश कुमार से पहले 2016 में वैशाली जिले की रूबी राय 12वीं कला संकाय की टॉपर बनी थीं. रूबी राय मीडिया के सामने बेसिक से सवालों का जवाब भी नहीं दे पाई थी. बाद में रूबी की अलग से परीक्षा कराई गई जिसमें वह कुछ नहीं लिख पाई थी. इस मामले में रूबी राय को जेल जाना पड़ा था. रूबी राय ने अहम खुलासा किया था कि उसने अपने पिता से पास कराने के लिए कहा था लेकिन वे टॉप करा दिए.

 

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