पटना: लवगुरु के नाम से मशहूर प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी बुधवार को पटना विवि के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग से सेवानिवृत्त हो गये। सेवानिवृत्ति के मौके पर हिन्दी व हिन्दी के विद्यार्थियों के हित में किये गये कार्यों को विभागाध्यक्ष डॉ. शरदिन्दु कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने याद किया और उन्हें भावी जीवन की शुभकामनाएं दीं। मीडिया से बातचीत में प्रो चौधरी ने कहा कि वे आने वाले महीनों में किसी ट्रस्ट से जुड़ेंगे।
प्रोफेसर मटुकनाथ एक अध्ययन केंद्र की स्थापना करेंगे जहां प्रेम और जीवन दर्शन की मुख्य रूप से शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा को एक खांचे में रखकर सीमित कर दिया गया है। इसमें संशोधन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे एक साल तक देशाटन करेंगे और इसके बाद प्रेम की पाठशाला खोलूंगा। पटना में इसका मुख्य केंद्र होगा और इसका विस्तार अन्य हिस्सों में समय के साथ किया जाएगा।
देश की चुनावी व्यवस्था पर भी प्रो. मट़ुकनाथ ने बात की। उन्होंने कहा कि इसमें संशोधन की जरूरत है और वे चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी एक डाक्यूमेंट्री भी बनाएंगे। लव गुरु के चुटीले अंदाज वाला पोस्ट होता रहा वायरल अहले सुबह फेसबुक पर पोस्ट किये गये उनके व्यंग्य वायरल होते रहे। प्रो. मटुकनाथ चुटीले अंदाज में अपने पोस्ट में शिक्षा व्यवस्था पर चोट के साथ-साथ अपने भीतर के बालपन और युवावस्था को जिंदा रखने की वकालत करते नजर आ रहे हैं। अपने फेसबुक पोस्ट में लवगुरु लिखते हैं कि.. मैं 65 वर्ष का लरिका हूं! मेरे अंग-अंग से यौवन की उमंग छलक रही है! जब मैं मस्त होकर तेज चलता हूं तो लोग नजर लगाते हैं! दौड़ता हूं तो दांतों तले अंगुली दबाते हैं ..।
प्रो मटुकनाथ सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाओं को लेकर अपने पोस्ट में बताते हैं कि…मैं ब्याह करूंगा …बरतुहार बहुत तंग कर रहे हैं! उनकी आवाजाही बढ़ गई है! लेकिन मैं एक अनुशासित, शर्मीला और परंपरा प्रेमी लरिका हूं! इसलिए खुद बरतुहार से बात नहीं करता हूं। उन्हें गार्जियन के पास भेज देता हूं! मेरे विद्यार्थी ही मेरे गार्जियन हैं! वे जो तय कर देंगे, आंख मूंदकर मानूंगा! उनसे बड़ा हितैषी मेरा कोई नहीं हो सकता!
