पंचायती राज व्यवस्था में अधिकार के लिए पटना से चंपारण तक इन्होंने की पदयात्रा

नाम संजय कुमार सिंह, पिता अवध किशोर सिंह, ग्राम.. पोस्ट.. अलावलपुर, प्रखंड फतुहा, जिला पटना।

योग्यता…स्नातकोत्तर, राजनीति शास्त्र, पटना विश्वविद्यालय।छात्र विकास मंच के अध्यक्ष पटना विश्वविद्यालय1994 पटना, जन कल्याण क्षत्रिय युवा मंच, प्रदेश उपाध्यक्ष, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत अलावलपुर फतुहा2001,अध्यक्ष.. पंचायत समिति संघर्ष मोर्चा, चंपारण पद यात्रा2004, संयोजक बरगायाँ विकास मंच,भारत जागरण मंच, वर्तमान में प्रदेश प्रधान महासचिव जदयू सेवादल बिहार।संस्थापक सह संयोजक ब्रह्म बाबा सेवा एवं शोध संस्थान, निरोगधाम, अलावलपुर पटना बिहार।

पटना से सटे अलावलपुर गांव के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार सिंह बिहार के उन चुनिंदा लोगों में है जो बिना किसी लाग लपेट के सामाजिक मुद्दों को लेकर ढाई दशकों से आंदोलनरत है.

सामाजिक स्तर पर दहेज उन्मूलन शराबबंदी अंधविश्वास छुआछूत के खिलाफ विगत 25 वर्षों से लड़ाई लड़ रहे है .बिहार के किसी भी कोने में इस तरह की घटनाएं होती है तो संजय अपनी पूरी टीम के साथ पहुंच जाते हैं.

संजय कहते है कि सामाजिक स्तर पर शिक्षा के माध्यम से ही असमानता को दूर किया जा सकता है शिक्षा वह हथियार है जिसके बल पर ऊंच-नीच अमीर गरीब के असमानता को दूर किया जा सकता है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साइकिल योजना छात्रवृति योजना पोशाक योजना दहेज उन्मूलन शराबबंदी जैसे योजनाओं से बिहार में लोगों के सामाजिक स्तर को ही नहीं बदला है.

बल्कि लोगों के जीवन यापन के स्तर को सुधारा है. अलावलपुर गांव में बरह्म बाबा शोध संस्थान की स्थापना करने वाले संजय सिंह कहते हैं कि उनके द्वारा स्थापित किया तीर्थ स्थल अपने आप में अनूठा है.

यहां कोई पंडित पंडा नहीं होता यहां पर रुद्राक्ष से लेकर कल्पतरु तक के वृक्ष लगे हुए हैं वृक्षों की पूजा होती है श्रद्धालु भक्त ही इसकी देखरेख करते हैं कोई चंदा नहीं लिया जाता यहां आने पर मानसिक शांति मिलती है कई सारे असाध्य रोगों को दूर करने के लिए जड़ी बूटियों को भी लगाया गया है.

भविष्य में यहां पर विद्यालय कोचिंग संस्थान और अस्पताल खोलने की योजना है जिसके लिए कई लोग गुप्त रूप से सहयोग करने को तैयार है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का सबसे बड़ा सेकुलर नेता बताते हुए संजय कहते हैं कि नीतीश कुमार ने कभी भी अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ समझौता नहीं किया .उनकी कथनी और करनी में फर्क नहीं है.

शराब बंदी लागू करना वह भी बिहार जैसे प्रदेश में किसी सपने से कम न था किंतु बिहार के मुख्यमंत्री ने शराबबंदी कर बिहार में लाखों लोगों के जीवन को ही नहीं बदला बल्कि पूरी दुनिया को दिखा दिया कि बिहार जैसे पिछड़े राज्य में भी विकास लाया जा सकता है.

आज बिहार में सड़क बिजली पानी चिकित्सा शिक्षा में बदलाव आया है. वे तन मन धन से जदयू के लिए समर्पित है.

समाज सेवा विरासत में मिली है इसके सिवा कोई काम कर ही नहीं सकते. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरसीपी सिन्हा वशिष्ठ नारायण सिंह को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं. देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर व आनंद मोहन के साथ भी संजय काम कर चुके है.

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