रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई में “लेट्स मूव इंडिया” के जरिए 900 बच्चों के साथ ओलंपिक दिवस का जश्न मनाया

इस दौरान बच्चे ने छह बार के शीतकालीन ओलंपियन शिवा केशवन से मिले। शिवा ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के “लेट्स मूव” कैम्पेन के हिस्से के रूप में उन्हें ओलंपिक वैल्यूज को लेकर प्रेरित किया  मुंबई 22 जून, 2024: रिलायंस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक अनोखे ओलंपिक दिवस पर 900 बच्चे आईओसी की “लेट्स मूव इंडिया” पहल के हिस्से के रूप में एक विशेष कार्निवल में शामिल हुए। शनिवार, 22 जून को मुंबई के रिलायंस कॉरपोरेट पार्क (RCP) में आयोजित इस कार्निवल में स्वयंसेवा और खेलों को बढ़ावा दिया गया। इस इवेंट…

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इकोकार्डियोग्राफी के क्षेत्र में विकास से अब मरीजों को बेहतर इलाज की संभावना : डॉ. अजय सिन्हा

– मेदांता की पहल पर देश एवं बिहार के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्टों ने इकोकार्डियोग्राफी के अत्याधुनिक तकनीक द्वारा हृदय सम्बंधित बिमारियों का सटीक इलाज की तकनीक पर परिचर्चा एवं ट्रेनिंग । – ज्ञान सत्र एवं वर्कशॉप के द्वारा इकोकार्डियोग्राफी के क्षेत्र में हुए विकास की दी गयी जानकारी। – मेदांता अस्पताल पटना के तत्वाधान में हुआ दो दिवसीय ज्ञान सत्र एवं वर्कशॉप का आयोजन। पटना, 24 जून 2024: जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के तत्वावधान में होटल लेमन ट्री प्रीमियर, पटना में दो – दिवसीय वर्कशॉप “इकोकार्डियोग्राफी – बेसिक एंड बियॉन्ड…

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‘कल्कि 2898 एडी’ ट्रेलर रिलीज,जानीए यह साल की सबसे महत्वाकांक्षी और अवश्य देखी जाने वाली फिल्म क्यों है

शुरुआती टीज़र को मिली भारी प्रतिक्रिया के बाद, आगामी साइंस-फिक्शन महाकाव्य ‘कल्कि 2898 एडी’ का बहुप्रतीक्षित रिलीज़ ट्रेलर आखिरकार लॉन्च हो गया है। जहां पहली झलक ने दर्शकों को भारतीय पौराणिक कथाओं में निहित असाधारण ‘कल्कि 2898 एडी’ सिनेमाई ब्रह्मांड से परिचित कराया, वहीं नवीनतम ट्रेलर इंतजार कर रहे महाकाव्य कथा की ओर इशारा करते हुए और गहराई से पेश करता है। ट्रेलर में जीवन से भी बड़े नायकों को उनके शानदार अवतारों में दिखाया गया है: मेगास्टार अमिताभ बच्चन ‘अश्वत्थामा’ के रूप में साहसी स्टंट करते हैं, उलगनायगन कमल…

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जाति के नाम पर दूसरों से कैसी श्रेष्ठता?

जाति व्यवस्था समाज की एक भयंकर विसंगति है जो समय के साथ और अधिक प्रचलित होती गई। यह भारतीय संविधान में वर्णित सामाजिक न्याय की अवधारणा का प्रबल शत्रु है तथा समय-समय पर देश को आर्थिक, सामाजिक क्षति पहुँचाता है। निस्संदेह, सरकार के साथ-साथ आम आदमी, धर्मगुरुओं, राजनेताओं तथा नागरिक समाज की यह जिम्मेदारी है कि इस विसंगति को यथाशीघ्र दूर किया जाए। – डॉo सत्यवान सौरभ सामाजिक स्तरीकरण मुख्यतः जाति पर आधारित है। किसी जाति समूह की सदस्यता जन्म से प्राप्त होती है, जिसके आधार पर लोगों को अन्य…

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