17 राज्यों के 225 जिलों में सूखा पड़ने के संबंध में मीडिया रिपोर्ट, तथ्यात्मक रूप से गलत हैं: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय

अभी हाल में 17 राज्यों के 225 जिलों में सूखे की चेतावनी के संबंध में कुछ रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं, जो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय राज्यों में कृषि स्थिति की नियमित रूप से निगरानी कर रहा है। चालू मानसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य हुई है। 10 सितंबर, 2017 के अनुसार 782.2 मिमी सामान्य बारिश की तुलना में 738.2 मिमी बारिश हुई है। देश में कुल मिलाकर बारिश सामान्ये श्रेणी (-6%) की हुई है। देश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। अधिकांश राज्यों, विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है।
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लगभग सभी राज्यों में खरीफ फसलों का रकबा संतोषजनक रहा है और 1 से 10 सितंबर, 2017 तक की अवधि के दौरान केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड में हुई बारिश से इन राज्यों में भूमि की नमी में काफी सुधार हुआ है। व्यापक रूप से हुई बारिश ने वर्तमान सीजन में खरीफ फसलों के उत्पादन की संभावनाओं को काफी बढ़ा दिया है। 8 सितंबर, 2017 के अनुसार 2017-18 के दौरान खरीफ फसलों का बुआई रकबा 1041.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र है जबकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान यह रकबा 1014.00 लाख हेक्टेयर रहा था। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई के बाद वर्षा की कमी अनुभव की गई है। राज्यों ने पहले ही ऐसे क्षेत्रों में कम बारिश के प्रभाव का आकलन शुरू कर दिया है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने जमीन में नमी की कमी के मामले में पहले ही राज्यों को जीवन रक्षक सिंचाई के लिए सलाह दे दी है। हालांकि, 95 जिलों में बारिश की कमी का पता चला है, लेकिन इन जिलों में भी बुवाई सामान्य और संतोषजनक है। कई राज्यों में सितंबर के पहले पखवाड़े में होने वाली बारिश से स्थिति में और सुधार होगा। खरीफ की उपज पिछले साल जितनी ही होने की उम्मीद है। सूखे जैसी कोई स्थिति नहीं है।

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