भाजपा से जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात, लोकसभा चुनाव लड़ने का अभी नहीं कोई इरादा : कल्‍पना पटवारी

पटना : प्रसिद्ध लोकगायक कल्‍पना पटवारी ने कहा है कि उनके लिए संगठित समूह की शक्ति ही राजनीति है, इसलिए उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी को चुना. उनका राजनीति में आने का मकसद सेवा भाव है और वे नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्‍व से भी प्रभावित हैं. कल्‍पना भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार आज भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं. कल उन्‍हें बिहार दौरे पर आये भाजपा का राष्ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने पार्टी की सदस्‍यता दिलवायी थी. इससे पहले प्रदेश इकाई द्वारा उन्‍हें सम्‍मानित किया गया.

संवाददाता सम्‍मेलन में कल्‍पना ने कहा कि पार्टी में आने का मेरा मकसद है कि एक संगठित समूह की शक्ति, जो भाजपा है. नरेंद्र मोदी जी के लाखों-करोड़ों फॉलोवर्स हैं. उनकी लीडरशिप क्वालिटी कमाल की है. मुझे लगा कि अगर अभी मैं उनकी छत्रछाया में नहीं आयी, तो मैं इस उपलब्धि को नहीं जी पाऊंगी. लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कल्‍पना ने कहा कि अभी ऐसा कोई इरादा नहीं है. मैं सेवाभाव से जुड़ी हूं. ये अभी दूर की बात है. मैं भाजपा के लिए पहले भी गाना गा चुकी हूं, हालांकि तब ये प्रोफेशनल तरीके से था. भोजपुरी गायिका ने कहा कि मुझे लगता है कि बिहार मेरे लिए मंदिर के समान है और छठ मईया ने मुझे इस धरती से चुना है.

कल्‍पना ने कहा कि लोक संस्‍कार से भरे गीत-संगीत के जरिये बिहार से जुड़ी हूं. इसी संदर्भ में मेरा परिचय बिहार से हुआ है. मेरा बिहार से परिचय लोक गीतों की वजह से है. आज भाजपा से जुड़ी हूं. यह मेरे संगीत के सफर का विस्तार ही है. मैं असम से हूं. वहां मैं भूपेन हजारिका को अपना आदर्श मानती हूं और बिहार के भिखारी ठाकुर मेरे इंस्‍पेरेशन हैं.

गौरतलब है कि असम से आने वाली कल्‍पना भोजपुरी के जरिये कोक स्‍टूडियो तक अपनी आवाज से लोगों के दिल में जगह बनाने के बाद अब राजनीतिक पारी खेलने को तैयार हैं. इससे पहले भोजपुरी सिंगर-एक्टर मनोज तिवारी, रवि किशन और पवन सिंह ने भी भाजपा की सदस्‍यता ले चुके हैं.