पटना- पटना की सड़कों पर सोमवार को अलग नजारा दिखा जब शरद यादव की पार्टी के सदस्य साइकिल, टमटम और बैलगाड़ियों पर निकले। बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए शरद यादव अपनी पार्टी के सदस्यों के साथ सोमवार को सड़क पर उतरे। शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल ने सोमवार को कारगिल चौक से आक्रोश मार्च का आयोजन किया था। इस जुलूस को राजभवन तक जाना था। साथ ही शरद यादव राज्यपाल से भी मिलनेवाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास ही रोक दिया। शरद यादव ने कहा कि देश आज संकट के दौर से गुजर रहा है। प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। अब बेकारी और बेरोजगारी बढ़ रही है। 19,95,000 करोड़ रुपये लेकर लोग देश छोड़ गये. सरकार में बड़े पैमाने पर लूट मची है। इन सबसे महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महागठबंधन छोड़ कर वह एनडीए में शामिल हो गये।इस तरह उन्होंने प्रदेश के 11 करोड़ लोगों को चोट पहुंचायी। आनेवाले समय में उन्हें जनता सबक सिखायेगी।आजादी और लोकतंत्र बचना चाहिए और कुचला हुआ लोकतंत्र वापस होना चाहिए। इसके बाद शरद यादव ने आक्रोश मार्च के समापन की घोषणा कर दी। पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैरियर पार करने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस से उनकी धक्का-मुक्की और झड़प हुई। अर्जुन राय सहित कुछ नेता गिर गये। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया और इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया।
पटना की सड़कों पर बैलगाड़ी से निकली शरद यादव की सवारी, पुलिस से हुई झड़प
