पटनाः बिहार में विधानसभा के प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता गुरुवार शाम को राजभवन मार्च किया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च निकाला गया. विपक्ष द्वारा यह राजभवन मार्च बिहार में बिगड़ते कानून व्यवस्था को लेकर निकाला गया. साथ ही राज्य में कथित रूप से हो रहे घोटालों को लेकर निकासा गया.
विपक्ष नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में कांग्रेस अध्यक्ष मदनमोहन झा और हम पार्टी के प्रमुख जीतनराम मांझी समेत सैकड़ों नेता राजभवन मार्च में शामिल हुए थे. सभी बड़े नेताओं ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की.
मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्यपाल के सामने हमने बिहार में बिगड़ते कानून को लेकर बताया. वहीं, शेल्टर होम के आरोपियों को सरकार द्वारा बचाया जा रहा है. इस बारे में अवगत कराया. उन्होंने कहा कि शेल्टर होम केस में सुप्रीम कोर्ट लागातार राज्य सरकार को फटकार लगा रही है. लेकिन सरकार चुपचाप बैठी है.
वहीं, तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि बच्चियों के साथ शेल्टर होम में शर्मसार करने वाली हरकत की गई. जिसके बाद भी सरकार ने सही धाराओं के साथ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराया. सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद फिर से एफआईआर को ठीक कराया गया. इससे साफ है सरकार आरोपियों को बचाना चाहती है.
उन्होंने नीतीश कुमार को बिहार के बिगड़ते कानून और घोटालों पर विधानसभा में जवाब मांगा है. वहीं, उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद महामहिम ने भरोसा दिलाया है कि कोई भी इस मामले में बच नहीं पाएगा. उन्होंने कहा है कि जांच चल रही है किसी भी अपराधी को बख्सा नहीं जाएगा.
तेजस्वी यादव ने राज्यपाल से मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का कॉल रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ब्रजेश ठाकुर के कॉल रिकॉड से साफ होगा की इस मामले में कौन-कौन शामिल थे. उन्होंने कहा कि मंजू वर्मा का भी खुलासा कॉल रिकॉर्ड से ही हुआ था. तेजस्वी ने कहा राज्यपाल ने उन्हें उचित आश्वासन दिया है. वहीं, पूर्व CM राबड़ी देवी ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. मीडिया से बातचीत में राबड़ी देवी ने कहा है कि मुजफ्फरपुर मामले में सरकार का कारनामा उजागर हो गया है. सरकार सभी को बचाने में लगी रहती है. उन्होंने कहा कि विधायक रंगदारी मांग रहे हैं. नीतीश कुमार और सुशील मोदी ही रंगदारी मंगवाते हैं. सरकार हर मोर्चे पर विफल है.
