
राज्य के सभी प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमण्डलीय आयुक्त व जिलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यालय में संधारित सभी बैंक खातां का अद्यतन बैंक स्टेटमेंट प्राप्त कर रोकड़ बही से उसका मिलान करा लें और किसी प्रकार की गड़बड़ी पाये जाने पर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। सभी जिला पदाधिकारी को अविलम्ब ऐसी जाँच कराकर प्रमाण पत्र देना है तथा भविष्य में बैंक खातों में संधारित सरकारी राशि की शुद्धता की जाँच नियमित रूप से प्रत्येक माह कराकर वित्त विभाग को सूचित करना है। अभी तक प्रारभ्मिक जाँच में 302.70 करोड़ की राशि के गबन के आधार पर 3 थ्प्त् दर्ज किया गया है। जाँच के क्रम में यह बात सामने आयी है कि बैंक अधिकारियों, सृजन एवं सरकारी अधिकारियों की मिली भगत से जाली हस्ताक्षर, जाली बैंक स्टेटमेंट के आधार पर अवैध रूप से रूपये की निकासी की जा रही थी।
