चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की मतगणना से पहले VVPAT-EVM का मिलान करने की मांग को ठुकराया

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों की गुरुवार सुबह से होने वाली वोटों गिनती तय तरीके से ही होगी। चुनाव आयोग के विपक्षी दलों की मतगणना से पहले VVPAT-EVM का मिलान करने की मांग को ठुकरा दिया है। ईवीएम-वीवीपीएटी के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अपनी बड़ी बैठकर कर इस संबंध में फैसला लिया।

इस बैठक में आयोग के सीनियर अधिकारियों के साथ चुनाव आयुक्त अशोक लवासा भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि यदि आयोग विपक्षी दलों की मांग पर राजी होता है मतगणना में 2-3 दिन का समय लग सकता है। मंगलवार को 22 विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से यह मांग की थी।

विपक्ष चाहता था 50% वोटों का मिलान
शुरुआत में चुनाव आयोग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र से केवल एक वीवीपैट के मतों का ही ईवीएम से मिलान करने को कह रहा था। हालांकि, विपक्षी पार्टियों की मांग थी कि कम से कम 50 फीसदी वीपीपैट मशीनों और ईवीएम के मतों का मिलान किया जाना चाहिए। अगर चुनाव आयोग इन पार्टियों की गुजारिश मान लेता, तो औसतन उसे हर सीट पर 125 ईवीएम मशीनों के मतों का मिलान वीवीपैट मशीन के मतों से करना पड़ता।

विपक्षी नेताओं ने कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं कहा था ‘‘हमनें मांग की है कि वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान पहले किया जाए और फिर मतगणना की जाए। यह हमारी सबसे बड़ी मांग हैं.”।