कमल की कलम से – आइये चलते हैं मिर्जा ग़ालिब की हवेली

हेमेंदु कमल

आज आपको मिर्जा गालिब की हवेली की सैर के लिए ले चलते है। बहुत खोजते हुए बहुत मुश्किल से काश्मीरी गेट के बाजार और बल्लीमारान की संकरी गली से होते हुए गली काशिम जान के मुहाने पर पँहुचा ।
इसी कोने में गालिब की हवेली नाम की पट्टिका नजर आया।  पता चला कि यही है गालिब की हवेली ।

अंदर गया तो उसकी बदहाली देखकर रोना आ गया ।

दरबान ने बताया कि पहले तो यहाँ अतिक्रमण कर हीटर बनाने का कारखाना डाल रखा था लोगों ने, पर बाद में सरकार ने इस हिस्से को अतिक्रमण से मुक्त करा कर गालिब से जुड़ी स्मृति को यहां पर रख कर उनका स्मारक बना दिया है ।

यहाँ जाने के लिए बहुत पैदल चलना पड़ता है क्योंकि यह तंग गलियों और बाजार के बीच स्थित है । यहाँ का निकटतम मेट्रो स्टेशन है चावड़ी बाजार । आप मेट्रो स्टेशन कश्मीरी गेट या लाल किला से भी जा सकते हैं । निकटतम बस स्टैंड भी रेड फोर्ट ही है ।

यदि आपको शायरी में दिलचस्पी है तो एक बार यहां अवश्य जाएं ।

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