मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल दफ्तुआर का प्रयास रंग लाया, 11 साल से बांग्लादेश में कैद सतीश चौधरी आज हो गया आजाद

Posted on September 12, 2019 By डेस्क

आखिरकार प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर के भगीरथ प्रयासों के द्वारा बांग्लादेश के जेल में पिछले 11 साल से कैद बिहार के दरभंगा के एक गरीब परिवार का मानसिक रूप से बीमार लड़का सतीश चौधरी आज 12 सितंबर को आजाद हो गया।
बांग्लादेश की सरकार ने ढाका स्थित हाई कमीशन आफ इंडिया को सूचित किया था कि 12 सितंबर को दर्शना गेडे बार्डर पर बार्डर गार्डस बांग्लादेश(BGB)सतीश चौधरी को बार्डर सिक्योरिटी फोर्स(BSF) के हवाले करेगा। हाई कमीशन, ढाका,बांग्लादेश ने इसकी सूचना टेलीफोन से दी। तब मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर सतीश चौधरी को रिसीभ करने के लिये बांग्लादेश बार्डर के लिये रवाना हो गये।उनके साथ सतीश का भाई मुकेश चौधरी भी था।

 

प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने 11 साल से बांग्लादेश में कैद एक गरीब परिवार के मानसिक तौर पर बीमार सतीश चौधरी को कैदमुक्त करवाया।
सतीश चौधरी दर्शना-गेडे बार्डर से आज 12:30 भारत पहुँचा।
साथ में मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल दफ्तुआर और उसका छोटा भाई मुकेश चौधरी भी था।
गवाह के तौर पर विशाल दफ्तुआर ने भी हस्ताक्षर किया।

गौरतलब है कि 2008 में मानसिक तौर पर बीमार सतीश चौधरी इलाज के लिये पटना आया था और फिर अचानक गायब हो गया।बाद में 2012 में जानकारी मिली की वह बांग्लादेश के जेल में बंद है।
अपने भाई को छुड़ाने के लिये सतीश का छोटा भाई मुकेश चौधरी ने सालों साल प्रयास किया।2012 में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की,लेकिन परिणाम ढाक के वही तीन पात ही रहे।
थक हारकर मुकेश चौधरी ने इसी साल जुलाई माह में चीफ जस्टिस आफ इंडिया से सम्मानित मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर को पत्र लिखा।श्री दफ्तुआर ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुये बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ,विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा जिस पर त्वरित कारवाई हुई।
चीफ जस्टिस आफ इंडिया के स्तर से इसे जनहित याचिका सेक्शन को भेजा गया।पीएमओ ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया।विदेश मंत्री के स्तर पर इसे हाई कमीशन आफ इंडिया,ढाका,बांग्लादेश को कारवाई हेतु भेजा गया।जिसके बाद हाई कमीशन आफ इंडिया,ढाका,बांग्लादेश के काउंसलर श्री गौतम विश्वासने विशाल दफ्तुआर से टेलीफोन पर बातचीत की और ईमेल भेजकर सतीश चौधरी के नागरिकता प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया जिसे दफ्तुआर के स्तर से 14 अगस्त को उन्हें उपलब्ध करवा दिया गया।
सीएम नीतीश कुमार के स्तर से इसे होम सेक्रेट्री,बिहार और डीएम,दरभंगा को कारवाई हेतु भेजा गया।
इस बारे में मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने कहा कि अगर नागरिकता प्रमाण पत्र में विलंब नहीं होता तो वे 15 अगस्त तक सतीश चौधरी को कैदमुक्त करवा लिये होते।उन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का विशेष शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उसे मानवीयता के आधार पर कैदमुक्त करने के उनके विशेष अनुरोध को स्वीकार किया।

Related Post

मगध विवि के छात्रों को राज्यपाल का आश्वासन, बढ़ाई जाएगी परीक्षा तिथि

Posted by - September 29, 2018 0
पटना- मगध यूनिवर्स‍िटी द्वारा 32 कॉलेजों की मान्यता रद करने के बाद मगध यूनिवर्सिटी के 28 सामान्य डिग्री कॉलेजों के…

नशीले पदार्थ आदि पकड़वाने के मामले में दिए जाने वाले पुरस्कारों पर जारी नए दिशा-निर्देश

Posted by - December 12, 2017 0
नई दिल्ली: भारत सरकार ने 10 अक्टूबर, 2017 को सरकारी अधिकारियों तथा सूचना देने वालों (मुखबिर) को प्रदान किए जाने…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

想要变美,想要拥有傲人的双峰丰胸产品,选择纯天然美胸产品——燕窝酒酿蛋!燕窝酒酿蛋的诞生摒弃了外用丰胸的不便产后丰胸方法,远离了胶囊丰胸副作用的威胁,全面解决女性胸部的各种问题燕窝酒酿蛋。无论你是天生平胸,还是产后胸部下垂,只要你坚持使用燕窝酒酿蛋丰胸产品粉嫩公主酒酿蛋,你也能拥有丰满坚挺的双胸!